अरुणोदय की नूतनवेला मे आई तनुजा सुकुमारी है
बरखा पंकज और राजभैयाके स्नेह की राजदुलारी है
दादीजी स्नेह सुमन है बुआ फूपा जी गोदखिलाई है
नानाजी के प्रेम पली मामा मामी ने नेह निहारी है
नन्ही नन्ही सी कलिया कब बडी हुई किलकारी है
जब जन्म हुआ जग मे मानोउसकालक्षमी हरषाई है
कल तक मेरे आंगन में घुटने चल,कब दौड़ लगाई है
आज परिणय की वेला आई सोच सोच हरषाई मैं
जब से कैलाश के घर अंकित संग हुई सगाई है,
उस दिन से मुझे विटिया की,लगने लगी जुदाई है
अरुणोदय से सांझ वेला, रजनी संग हुई विदाई है,
मेरी वेटी बड़ी हुई मेरे घर वाज उठी शहनाई है,
इस पावन परिणय वेला मे आशीषों की वारी है,
मन तृप्त हृदय पुलकित दिनेश देते आज बधाई है,
नाच उठा है मन मयूर निमय संग प्रियंका आई है,
प्रियेश प्रियांशी प्रिंश नयनश वंशु ने सुमन वरसाई है,
सोहम गौरी अंतरा कीर्तब्य देव्यांश ने धूम मचाई है
दशरथ से ससुर ,सास कौशल्या
माई है,
राम सिया सी सुन्दर जोड़ी,
रब ने आज मिलाई है,
वंदन अभिनंदन है आज,
मेरी कुटिया में समधियाई है,
बरखा पंकज और राजभैयाके स्नेह की राजदुलारी है
दादीजी स्नेह सुमन है बुआ फूपा जी गोदखिलाई है
नानाजी के प्रेम पली मामा मामी ने नेह निहारी है
नन्ही नन्ही सी कलिया कब बडी हुई किलकारी है
जब जन्म हुआ जग मे मानोउसकालक्षमी हरषाई है
कल तक मेरे आंगन में घुटने चल,कब दौड़ लगाई है
आज परिणय की वेला आई सोच सोच हरषाई मैं
जब से कैलाश के घर अंकित संग हुई सगाई है,
उस दिन से मुझे विटिया की,लगने लगी जुदाई है
अरुणोदय से सांझ वेला, रजनी संग हुई विदाई है,
मेरी वेटी बड़ी हुई मेरे घर वाज उठी शहनाई है,
इस पावन परिणय वेला मे आशीषों की वारी है,
मन तृप्त हृदय पुलकित दिनेश देते आज बधाई है,
नाच उठा है मन मयूर निमय संग प्रियंका आई है,
प्रियेश प्रियांशी प्रिंश नयनश वंशु ने सुमन वरसाई है,
सोहम गौरी अंतरा कीर्तब्य देव्यांश ने धूम मचाई है
दशरथ से ससुर ,सास कौशल्या
माई है,
राम सिया सी सुन्दर जोड़ी,
रब ने आज मिलाई है,
वंदन अभिनंदन है आज,
मेरी कुटिया में समधियाई है,

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