Wednesday, June 6, 2018

ब्रज की भोर

नवप्रभात की देखो लाली छा रही हैं ,
रूनझुन की तान देखो कानो में आ रहीं हैं,
ललिता विशाखा राधा की टोली आ रही है,
सर पे दधि मटकी मथुरा को जा रहीं हैं,
मिल जाय कही मोहन मन मे मना रहीं हैं,
नजर जो आये मोहन नज़रे चुरा रही हैं 🙏

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