कूलन मे फूलन मे मेरे गाँव के आँगन मे छुटक रही पूनम की चाँदनी
चाँदी सी धवल विमल दूध सी चाँदनी,तारों की झिलमिल सीओढे चुनरिया,चंद्रमा के दर्पण मे रूप निहारती,
🙏🙏🙏
चाँदी सी धवल विमल दूध सी चाँदनी,तारों की झिलमिल सीओढे चुनरिया,चंद्रमा के दर्पण मे रूप निहारती,
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