Wednesday, May 30, 2018

पूर्णिमा की चाँदनी

कूलन मे फूलन मे मेरे गाँव के आँगन मे छुटक रही पूनम की चाँदनी
चाँदी सी धवल विमल दूध सी चाँदनी,तारों की झिलमिल सीओढे चुनरिया,चंद्रमा  के  दर्पण मे रूप  निहारती,




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