Wednesday, May 16, 2018

तुझसे मिलने की वेकरारी हरदम रहती है,
दिल वेचैन और आंखे नम रहती है,                     जब जब भी तू मिला एक कविता जन्म लेती है,
सिसकती हुई कविता तेरी कहानी कहती है,
तुझसे मिलने की वेकरारी हरदम रहती है
तेरी यादो की लय और वादो के बंधन मे बंधी होती है
बस इस प्रेम मे कविता सुवकती रहती है,
तुझसे मिलने की वेकरारी हरदम रहती है
दुखो के पन्नो पे आहो भरी कहानी होती है,
आंसुओ की स्याही से कविता दमकती रहती है,
तुझसे मिलने की वेकरारी हरदम रहती है
मन के सागर मे यादो की लहर उठती है,
कोई हीरा मिल जाए आंखे तरसती रहती है
तुझसे मिलने की वेकरारी हरदम रहती है

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