दिल तेरा पत्थर है, या तुझे कहूं पत्थर के सनम,
दिल मे रहने वाले, क्यो बने पत्थर के सनम,
दिल बड़ा ही नाजुक है,मत बनो पत्थर के सनम
टूटे दिल को कैसे जोडोगे, ये मेरे पत्थर के सनम,
मेरे चाहत मे दम होगा,तो बोल उठेगे पत्थर के सनम,
तब्दीली दुनिया का उसूल , मत वनो पत्थर के सनम ,
जग मे पूजे जाते है, अगर पत्थर के सनम,
इबादत करने वाले, बदल देते है पत्थर के
स्वरचित कविता "दामिनी"
दिल मे रहने वाले, क्यो बने पत्थर के सनम,
दिल बड़ा ही नाजुक है,मत बनो पत्थर के सनम
टूटे दिल को कैसे जोडोगे, ये मेरे पत्थर के सनम,
मेरे चाहत मे दम होगा,तो बोल उठेगे पत्थर के सनम,
तब्दीली दुनिया का उसूल , मत वनो पत्थर के सनम ,
जग मे पूजे जाते है, अगर पत्थर के सनम,
इबादत करने वाले, बदल देते है पत्थर के
स्वरचित कविता "दामिनी"

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