Thursday, May 17, 2018

फूलों से दोस्ती

काटो की चुभन से प्यार हो गया जबसेकी फूलो से दोस्ती मैने,खुश्बू के आसयाने से कीचड़ समेट के फेक दी मेने जबसे की फूलो से दोस्ती मेने,आँसू की धारा ने समंदर छू लिया हर बूँद गंगा की सहेज ली मैने जबसे की फूलो से दोस्ती मैने काँटों की चुभन से प्यार होगया, हर तरफ़ महका चमन इश्क़ियाअंदाजमे सावरे की वासुरी का आगाज हो,
जबसे की फूलों दोस्ती मैने

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