Wednesday, May 16, 2018

पल पल करते बक्त गुजर जायेगा ,
कल कल करते इन्सान रहजायेगा,
कल की जगह आज ही खुश होलो न जाने कल कब आयेगा👏🍀🌼
आज को कल मे बदलना है,
कल को आज मे बदलना है
आज कल ,कल आज के,
बीच हमे चलना है।👏🍀🌻
कभी कल की तैयारी,
कभी आज की तैयारी,
ये रोज की तैयारी मे,
खुशियो ट्रेन न छूट जाये,व
करले जल्द सवारी👏🍀🌻
खिल खिला कर टिकिट कटाले,
गमो और चिन्ता की छोड़ पोटली,
अब आ गया 2018,
खुश रह कर जीने का,
प्रण तू करले टोट्ली👏🍀🌻

नवीन रचना स्वरचित-दामिनी😁

2 comments:

  1. बहुत बढ़िया

    शानदार सृजन


    चलते रहे यूँ ही

    शब्द कुसुम खिलें यूँ ही

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